The need of financial education in hindi

वित्तीय शिक्षा (Financial Education in Hindi)

Here you will learn about The need of financial education in Hindi/Urdu नमस्कार! अगर आप वित्तीय शिक्षा को विस्तार से जानना चाहते है तो आप बिलकुल सही जगह आये हैं।

इस बारे में पूरा विस्तार से जानने के लिए पूरा पोस्ट जरूर पढ़ें।

एक आम आदमी चाहे वो एक चाय वाला हो, धोबी हो, पान वाला हो या कोई भी छोटा व्यापार करने वाला इंसान, उसकी आमदनी काम होती है।

यहाँ तो मैंने कुछ ऐसे काम भी बता दिए जिनमे काफी अच्छी कमाई हो ही जाती है।

लेकिन काम में कमाई भले ही अच्छी हो।

अगर आपको पैसों के बारे में पूरी समझ नहीं है तो,

भले ही आपको करोड़ो की लॉटरी भी लग जाय तो एक समय के बाद आप फिर से कंगाल हो जायेंगे।

पैसों की शिक्षा हमे स्कुल, कॉलेजों में नहीं मिलती है।

नतीजा ये होता है कि, हर स्टूडेंट चाहे वो किसी भी परिवार किसी भी शहर से हो,

अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भी नौकरी ढूंढने जाता है।

क्यों? क्योंकि उसे व्यापर करने की और पैसा स्वयं कमाने की समझ नहीं होती है।

अब कुछ लोग सोचेंगे कि ” हम तो व्यापर करते हैं। ” या नौकरी भी करते हैं तो क्या। पैसा तो कमाते हैं न ? तो मैं कहूंगा, “हां! सही है। ”

लेकिन आधा सही है। अगर आप पैसा आपके मन मुताबिक कमाते हैं तो फिर क्यों फिर कभी-कभी अपनी इच्छाओं को मरना पड़ता है।

आपमें से ही कुछ लोग ऐसे भी होंगे जो हर बार किसी बड़े काम पड़ने पर,

जैसे परिवार में किसी के बीमार होने पर या बहनो या बेटियों की शादी के लिए किसी सोनार,

साहूकार या किसी दुसरे पर निर्भर होना पड़ता है ताकि उनसे पैसे उधर ले सकें। क्यों?

यहाँ मैं उन लोगों की बात नहीं कर रहा हूँ जो संपत्ति और धन-धान से परिपूर्ण हैं।

मैं यहाँ उन लोगों की बात कर रहा हूँ जो खुद को गरीब होते हैं और खुद को गरीब मानते हैं।

मैंने जब किसी से इस बारे में बात की तो उनका जवाब कुछ इस तरह था , ” मैं अपना काम पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करता हूँ, दिन से रत बिना आराम किये बड़ी मेहनत से काम करता हूँ। तो फिर मेरे पास पैसे क्यों नहीं टिकते हैं ?

मैं पैसे क्यों नहीं बचा पता हूँ? क्या आपका भी यही सवाल तो नहीं?

इसका एक साधारण सा उदहारण है।

पहले के समय में लोगों को रोज जब पानी की जरुरत पड़ती थी तो वे कुँए के पास जाते थे और मेहनत करके बाल्टी-बाल्टी पानी भरकर लाते थे

और अपनी जरुरत थोड़ा-थोड़ा खर्च करते थे ताकि पुरे दिन पानी चल सके।

the need of financial education in hindi

वहीँ आज के समय में सबके पास घरों में हैंडपंप,

और अन्य पानी के उपकरण हैं जिनकी मदद से वे जब चाहें ,घर बैठे ही, काम मेहनत या बिना किसी मेहनत के भी,

जितना चाहे उतना पानी मिल जाता है। कुछ मतलब समझे आप ?

इसी उदहारण को हम धन सम्बन्धी मामलों में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

हमे ऐसे तरीके ईजाद करने होंगे जिसे आप काम मेहनत करके भी अच्चे पैसे कमा सके

और उससे भी जरुरी बात ये है कि,

हमे पैसे कमाने के तरीके सिखने से ज्यादा जरुरी है पैसे खर्च करना सीखना।

जी हां! लोग पैसे कमाने के पीछे पूरी जिंदगी भागते हैं

और बाद में सवाल करते हैं कि पैसे मेरे पास बचते क्यों नहीं।

अगर आपको सच में अपने इस सवाल का जवाब चाहिए तो आपको पैसे खर्च कैसे करें ये सीखना होगा।

अगर आप वित्तीय शिक्षा को और अधिक विस्तार से जानना चाहतें हैं तो

पर्सनल फाइनेंस पर बनी दुनिया की #१ किताब रिच डैड पुअर डैड को जरूर पढ़ना चाहिए।

इसमें आपको अपने सारे सवालों के जवाब मिल जायेंगे।

यहाँ अपने जो कुछ भी पढ़ा, सीखा ये सब मैंने इसी किताब से पढ़ा और अब अमल में ला रहा हूँ।

आप भी मेरी तरह अभी से शुरुआत कर सकते है।

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